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कश्मीर फाइल्स के पीछे की साजिश और कश्मीर त्रासदी का सच - भाग- 3

The Conspiracy Behind The Kashmir Files And The Truth Of The Kashmir Tragedy - Part-3

जाकीर हुसेन - 9421302699

इस फ़िल्म में एक षडयंत्र के तहत दिखाया गया है कि कश्मीर घाटी के मुसलमान कश्मीरी पण्डितों के खून के प्यासे हैं और कश्मीरी पण्डितों की सम्पत्ति हड़पना चाहते हैं और मुसलमान, हिन्दूवों के घर की महिलाओं पर बुरी नजर रखते हैं। कश्मीर घाटी के मुसलमान कश्मीरी पण्डितों के भागने का इन्तजार करते हैं और इंतजार ही नहीं बल्कि षड़यंत्र रचते भी हैं और डराते भी हैं कि यदि तुम सब नहीं गये तो तुम मार डाले जाओगे और इसके बाद घाटी के मुसलमान इस इंतजार में रहते हैं कि जैसे ही ये कश्मीरी पण्डित डरकर अपना घर-बार छोड़कर जायें वैसे ही उनके घर और जमीन पर कब्जा कर सके। कुछ ऐसा 2020 में आयी फिल्म सिकारा में भी ऐसे ही नफरत परोसने की कोशिश की गयी थी।

कश्मीर घाटी के मुस्लिम बाहुल्य आबादी में ऐसे लोगों की मौजूदगी और इस प्रकार की चन्द घटनाओं से इन्कार नहीं किया जा सकता है लम्बे समय से नफ़रत के सौदागरों ने जो जहर बोया है उसका कुछ न कुछ असर तो रहेगा ही। निश्चित ही ऐसी कुछ घटनायें घटी होंगी।

उस दौर के जितनी भी इस तरह की घटनाएं घटी हैं अधिकतर के रिपोर्ट मौजूद हैं। पर कश्मीर घाटी में ऐसी कहानियां भी मौजूद हैं जिससे पता चलता है कि कश्मीर घाटी के कई कश्मीरी मुसलमानों ने कश्मीरी पण्डितों को बचाया भी था और कश्मीर का हर कश्मीरी मुसलमान नहीं चाहता था कि कश्मीरी पण्डित अपना घर-बार, जमीन-जायदाद छोड़कर कश्मीर घाटी से जायें। पर कश्मीर फ़ाइल्स में इस पक्ष को तो नकार ही दिया है। और इस कश्मीर फाइल में ये भी दिखाने की भरपूर कोशिश की गयी है कि मुसलमान सरकारी राशन कोटे पर बांटे जा रहे सरकारी अनाज पर कब्जा और सभी तरह के सरकारी योजनाओं को हड़प लेते हैं जिससे कश्मीरी पण्डित सरकारी योजनाओं और मुफ्त और सस्ते दर वाले अनाज से वंचित रह जाते हैं।

पाकिस्तान परस्त इस्लामिक कट्टरपन्थियों के निशाने पर वे सभी लोग थे जो कश्मीर के पाकिस्तान में मिलने का विरोध कर रहे थे, चाहे वो भारत के नजरिये से विरोध कर रहे हों या कश्मीर की आज़ादी के नजरिये से। आतंकवाद के दौर में कश्मीरी पण्डितों से कई गुना ज़्यादा कश्मीरी मुस्लिमों की मौतें हुईं। लेकिन अगर विवेक अग्निहोत्री इस सच्चाई को दिखाने लग जाते तो मुस्लिमों के खिलाफ नफरत कैसे फैला पाते और कश्मीर समस्या को हिन्दू बनाम मुस्लिम की लड़ाई के रूप में कैसे दिखा पाते।

कश्मीर फाइल्स में निहायत ही शातिराना ढंग से यह सच्चाई भी पूरी तरह से छिपा दी गयी है कि जिस दौर में कश्मीरी पण्डितों पर हमले हो रहे थे उस समय तमाम कश्मीरी मुस्लिमों को भी निशाना बनाया गया था जिनमें नेशनल कांफ्रेस और कांग्रेस के नेताओं के अलावा मीरवाइज मोहम्मद फारुख जैसे कई अलगाववादी नेता और आम कश्मीरी मुस्लिम भी शामिल थे। पाकिस्तान परस्त इस्लामिक कट्टरपन्थियों के निशाने पर वे सभी लोग थे जो कश्मीर के पाकिस्तान में मिलने का विरोध कर रहे थे, चाहे वो भारत के नजरिये से विरोध कर रहे हों या कश्मीर की आजादी के नजरिये से। आतंकवाद के दौर में कश्मीरी पण्डितों से कई गुना ज्यादा कश्मीरी मुस्लिमों की मौतें हुईं। यदि इस फिल्म के डायरेक्टर (निर्देशक) विवेक अग्निहोत्री इस सच्चाई को दिखाने लग जाते तो मुस्लिमों के खिलाफ नफरत कैसे फैला पाते और कश्मीर समस्या को हिन्दू बनाम मुस्लिम की लड़ाई के रूप में कैसे दिखा पाते! आर एस एस का एजेण्डा फेल हो जाता ना।

शेष अगले भाग में....अजय असुर

Updated : 27 March 2022 5:27 AM GMT
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