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1 एप्रिल पुण्यतिथी ! क्रांतिकारी भगतसिंग के वकील स्वतंत्रता सेनानी आसफ अली

April 1st death anniversary! Revolutionary Bhagat Singh's lawyer Freedom Fighter Asaf Ali

1 एप्रिल पुण्यतिथी ! क्रांतिकारी भगतसिंग के वकील स्वतंत्रता सेनानी आसफ अली
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1 एप्रिल पुण्यतिथी

#क्रांतिकारी_भगतसिंग_के_वकील_स्वतंत्रता सेनानी आसफ अली

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🟢 स्वतंत्रता सेनानी आसफ अली की पैदाइश 11 मई सन् 1888 को हुई थी।

दिल्ली के सेंट स्टीफेन कॉलेज से तालीम हासिल करके और इंग्लैण्ड से वकालत करने के बाद *आप वकालत करते हुए मुल्क की आज़ादी की जद्दोजहद में लग गये*।

🔴आप कांग्रेस के आंदोलन में पूरी ताकत से लगे हुए थे और *इन्हीं आंदोलनों की वजह से सन् 1928 में आपको 6 महीने की जेल की सजा हुई*।

🟡आपकी शादी भी कौमी एकता की मिसाल थी। अरुणा गांगुली से आपकी शादी हुई।

🔵आपकी वकालत की काबलियत का अन्दाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि *इंग्लैण्ड की अदालत के जज की नौकरी का पैग़ाम ठुकराकर आपने शहीदे आज़म भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त के मुक़दमे के दौरान अदालत में बचाव की पैरवी करना अपना फर्ज़ समझा*।

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*भगत सिंह भारत के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे। भगतसिंह ने देश की आज़ादी के लिए जिस साहस के साथ शक्तिशाली ब्रिटिश सरकार का मुक़ाबला किया*, वह आज के युवकों के लिए एक बहुत बड़ा आदर्श है। इन्होंने केन्द्रीय संसद (सेण्ट्रल असेम्बली) में बम फेंककर भी भागने से मना कर दिया। जिसके फलस्वरूप इन्हें 23 मार्च 1931 को शाम में करीब 7 बजकर 33 मिनट पर इनके दो साथियों सुखदेव व राजगुरु को फाँसी दे दी गई।

*पर क्या आपको मालुम है भगत सिंह की मदद करने वाले लोग कौन थे ??*

*इसमें 2 नाम काफी मशहूर है पर हिन्दुस्तान की अवाम इन्हे नहीं जानती , ये हैं " आसाफ अली " और " नसीम चंगेजी* ▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️

*शहीद भगत सिंह और बट्टूकेश्वर दत्त,जो 8 अप्रैल 1929 को असेंबली में बम फोड़ने के आरोप में गिरफ्तार हुए उनके बचाव पक्ष के वकील आसिफ साहब ही थे*

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🟣आसफ अली सन् 1935 में मुस्लिम राष्ट्रवादी पार्टी की तरफ से दिल्ली से सेन्ट्रल लेजिस्लेटिव एसेम्बली के मेम्बर चुने गये और दोबारा उसी सीट से कांग्रेस पार्टी की तरफ़ से चुने गये। आपने 1945 में पालर्लियामेंट में कांग्रेस के डिप्टी लीडर की ज़िम्मेदारी भी निभायी।

🟤आप भारतीय राष्ट्रीय अकादमी के कनविनर भी रहे और सन् 1947-48 में भारत की अंतरिम सरकार में रेल व ट्रान्सपोर्ट महकमे के वज़ीर भी

रहे।

🔵आप संयुक्त राष्ट्र में भारत के पहले राजदूत के पद पर भी रहे। आप उड़ीसा के गवर्नर भी बनाये गये, लेकिन मई सन् 1952 में ख़राब सेहत की वजह से इस्तीफा दे दिया और 1 अप्रैल 1953 को दुनिया से विदा हो गये।

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Source -THE IMMORTALS

- SYED NASEER AHAMED

2) heritagetimes

--- Md umar ashraf

3) : *लहू बोलता भी है*

- *सय्यद शहनवाज अहमद कादरी,कृष्ण कल्की*

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संकलन *अताउल्ला खा रफिक खा पठाण सर टूनकी,संग्रामपुर, बुलढाणा महाराष्ट्र*

9423338726

Updated : 2 April 2022 3:09 AM GMT
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