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प्रसिद्ध वकील, न्यायाधीश और कॉंग्रेस के पूर्व अध्यक्ष महान स्वतंत्रता सेनानी जनाब बदरुद्दीन तैयब जी को यौमे वफात पे ख़िराजे अक़ीदत ।

Famous lawyer, judge and former President of the Congress, the great freedom fighter Mr. Badruddin Tayyab ji was laid to rest at Yaume Wafat.

प्रसिद्ध वकील, न्यायाधीश और कॉंग्रेस के पूर्व अध्यक्ष महान स्वतंत्रता सेनानी जनाब बदरुद्दीन तैयब जी को यौमे वफात पे ख़िराजे अक़ीदत ।
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अपने समय के प्रसिद्ध वकील, न्यायाधीश और कॉंग्रेस के पूर्व अध्यक्ष महान स्वतंत्रता सेनानी जनाब बदरुद्दीन तैयब जी को यौमे वफात पे ख़िराजे अक़ीदत ।

19 आगस्ट यौमे वफात (पुण्यतिथी)

काँग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, न्यायधीश,

स्वतंत्रता सेनानी बदरुद्दीन तैय्यबजी

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📘 *अप्रैल 1867 में पहले भारतीय बैरिस्टर*

📗1902 में *बॉम्बे में मुख्य न्यायाधीश पद का पद धारण करने वाले पहले भारतीय*।

📕 *पहले मुस्लिम, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष* मैसूर, 1887

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई एन सी), मैसूर,

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🟣बदरुद्दीन तैय्यबजी का ख़ानदान अरब से आकर बम्बई में बसा था। अच्छे घराने में पैदा होने के बाद भी आपने शुरुआती तालीम मदरसे में हासिल की और आला तालीम एलफिंस्टन इंस्टीट्यूट से हासिल की।

🟢सन् 1883 में जब

अलबर्ट बिल आया और फसाद बढ़ा तो हिन्दुस्तान की ओर से मुकृदमा लड़ने के लिए बदरूद्दीनजी ही आगे बढ़े। उन दिनों आपका नाम बड़े जाने-माने बैरिस्टरों में जाना जाता था। आप बम्बई विधान परिषद के नामिनी

मेम्बर भी रहे।

🟡आप *तहरीके-आज़ादी के सरगर्म कारकुन* भी रहे और अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तंज़ीमों के ज़रिये आम ज़िन्दगी के हर पहलू पर जद्दोजहद करते रहे।

🔵आपका खानदान शुरू से कांग्रेस से जुड़ा हुआ था, जिसका पूरा असर तैय्यबजी पर भी पड़ा और *आप कांग्रेस की हर तहरीक में सरगम्मी से हिस्सा* लेने लगे। *कांग्रेस के चलाये सभी मृवमेंट* में हिस्सा लिया *और जेल* भी गये।

🟣बम्बई के गवर्नर लॉर्ड रीए जब मुसलमानों को कांग्रेस के आंदोलन से अलग रखने की मुहिम चलाकर साज़िश रच रहे थे, *तब बदरूद्दीन तैय्यबजी को असरअंदाज़ करने के मकसद से वायसराय के साथ उनकी मुलाकात करायी गयी*, वायसराय ने तैय्यबजी को एक तोहफा देकर मुसलमानों की बहुत तारीफ की और अंग्रेजों से दोस्ती का भरोसा दिलाया। जवाब में तैय्यबजी ने कहा कि मैं हाकिमों की तरफ़ से दिया गया तोहफ़ा लेने से डरता हूँ। माज़रत के साथ इसे वापस ले लें। रही बात हुक्मरानों से

दोस्ती की, तो मेरी राय में आम सियासी मामलों पर हिन्दुस्तान के मुसलमानों को मैं दूसरे मज़हब के लोगों के साथ मिलकर हल करने या तहरीक के ज़रिये लेने का हामी हूं।

🟢आप जिस मुस्लिम सम्मेलन में भाग लेने के लिए दावत दे रहे हैं, मैं ऐसे हर उस कांफ्रेंस की मुख़ालिफत करूंगा जो कांग्रेस को कमज़ोर करने के लिए किया जा रहा है।

🔴सन् 1887 मद्रास में हुए *कांग्रेस के इजलास में तैय्यबजी* सदर चुने गये। अपने

आपने सदारती खुतबे में कहा कि *भारत में सब कौम के लोग मिलकर हर मुमकिन कोशिश करें कि सरकार से सुधार और बड़े अख़्तयारात हासिल किये जायें जो हम सभी के लिए फायदेमंद होगा*। मेरी राय है कि हमलोग मिलकर ज़ोरदार तरीके से आवाज़ उठायें तो हमें हमारा हक मिल सकता है।

🔵कई सालों की मेहनत के बाद कांग्रेस के ज़िम्मेदार कायद के तौर पर आप मुसलमानों को यह समझाने में कामयाब हुए कि सियासी मामले में कांग्रेस का साथ दे और कौमी मामलों में अपने फैसले के लिए आज़ाद है।

🟡उन्होंने अपनी कोशिशों से वह

शक भी दूर किया जिसके चलते मुसलमानों को यह लगता था कि जिन तंजीमों में हिन्दुओं की अकसरियत है, उनमें उनका हक नज़रअंदाज किया जायेगा। आपका इंतकाल 19 अगस्त सन् 1906 को हुआ।

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संदर्भ : 1)THE IMMORTALS

लेखक -syed naseer ahmed

(+91 94402 41727)

2) *लहू बोलता भी है*

लेखक- *सय्यद शहनवाज अहमद कादरी,कृष्ण कल्की*

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संकलन *अताउल्ला खा रफिक खा पठाण सर टूनकी तालुका संग्रामपुर जिल्हा बुलढाणा महाराष्ट्र*

9423338726

Updated : 19 Aug 2021 4:28 PM GMT
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