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1 जुलै यौमे पैदायिश- स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल क़य्यूम अंसारी साहब

1 July Youme born - Freedom Fighter Abdul Qayyum Ansari Sahab

1 जुलै यौमे पैदायिश- स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल क़य्यूम अंसारी साहब
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1 जुलै यौमे पैदायिश-

स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल क़य्यूम अंसारी साहब बिहार के इतिहास के अब तक के एकलौते मंत्री हैं जिन्होंने लोगों की मदद करते हुवे अपने जीवन को क़ुर्बान कर दिया.

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18 जनवरी 1973 को बिहार के एक मंत्री को ये ख़बर मिली के उनके क्षेत्र में नहर का बांध टूट गया है, और बाढ़ के चपेट में आ कर हज़ारो लोग बेघर हो गए हैं. बिना किसी देर किये वो मंत्री उस इलाक़े में लोगों को राहत पहुँचाने निकल पड़ते हैं, रास्ता बहुत ख़राब था इसलिए गाड़ी से उतर पैदल ही चलने लगे, और फिर थक कर बैठ गए, थोड़ी ही देर में क़ल्ब ने हरकत बंद कर दिया, और उनका इंतक़ाल हो गया, इस मंत्री को आज दुनिया अब्दुल क़य्यूम अंसारी के नाम से जानती है. ग़रीबों, पिछड़ों और बेसहारों का सहारा अब्दुल क़य्यूम अंसारी साहब बिहार के इतिहास के अब तक के एकलौते मंत्री हैं जिन्होंने लोगों की मदद करते हुवे अपने जीवन को क़ुर्बान कर दिया.

बिहार के डेहरी में 1 जुलाई 1905 को जन्मे अब्दुल क़य्यूम ने 15 साल की उम्र में मौलाना मोहम्मद अली जौहर से प्रेरित हो कर जंग ए आज़ादी में हिस्सा लेना शुरू किया, 1920 में कांग्रेस के सेशन में भाग लिया, 1922 में जेल गए, समाज में समानता की जंग लड़ी, अपनी बिरादरी के लिए आवाज़ उठाई और मोमिन बिरादरी की सियासत की; जिसने अब्दुल क़य्यूम को अब्दुल क़य्यूम अंसारी बना दिया. मोमिन कान्फ़्रेंस बना कर ना सिर्फ़ अपने समाज को प्रतिनिधित्व दिलवाया बल्कि मुस्लिम लीग का जम कर विरोध भी किया, 1937 और 1946 के चुनाव में मज़बूती से हिस्सा लिया, भारत आज़ाद हुआ तो मोमिन कान्फ़्रेंस का कांग्रेस में विलय कर दिया, राज्यसभा के सदस्य बने, विधायक भी चुने गए, मंत्री भी बने. जेल मंत्री के तौर पर उनका काम बहुत शानदार रहा, उनकी कोशिश रही के हर जेल में क़ैदी के सुधार के लिए स्कूल खोला जाये, जिसमे पढ़ कर सज़ायाफ़्ता क़ैदी जब वापस बाहर निकले तो उसकी पहचान एक अच्छे शहरी के तौर पर हो. पहली कोशिश मुज़फ़्फ़रपुर जेल में की गई, स्कूल खुला जिसमे सैंकड़ों क़ैदी ने पढ़ कर अच्छे शहरी बनने का हल्फ़ लिया, पर बिहार सरकार के कमज़ोर रवैये की वजह कर ये स्कीम मुज़फ़्फ़रपुर जेल के आगे किसी और जेल में लागु न हो सकी!

Sourse -heritage times

Md Umar Ashraf

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संकलन अताउल्ला पठाण सर

टूनकी बुलढाणा महाराष्ट्र

Updated : 1 July 2022 10:50 AM GMT
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