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ब्रिटिश सरकार के दुष्कर्मों के बारे में खबरें फैलाने के लिए एक हिंदुस्तानी दैनिक आजाद हिंद की शुरुवात करनेवाले स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल लतीफ फारूकी साहेब

ब्रिटिश सरकार के दुष्कर्मों के बारे में खबरें फैलाने के लिए एक हिंदुस्तानी दैनिक आजाद हिंद की शुरुवात करनेवाले स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल लतीफ फारूकी साहेब
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स्वतंत्रता सेनानी➡️216

अब्दुल लतीफ फारूकी साहेब


अब्दुल लतीफ फारूकी साहेब का जन्म 1893 में चेन्नई के वर्तमान तमिलनाडु राज्य में नवाब परिवार में हुआ था। उन्होने मद्रास विश्वविद्यालय में अध्ययन किया और उर्दू, तमिल, अंग्रेजी के अलावा अरबी में महारत हासिल की। अपने छात्र काल से ही अंग्रेजों के कुशासन के कारण, उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन का संकल्प लिया।

गांधीजी के सच्चे अनुयायी के रूप में 1920 में खिलाफत और असहयोग आंदोलन में वे शामिल हुये। ब्रिटिश सरकार के खिलाफ आंदोलन मे भाग लेने पे उन्हे कई मुष्कीलो का सामना करना पडा।

वंशानुगत पेंशन उन्हें नवाबों के परिवार के सदस्य होने के कारण मिल रही थी उसे ब्रिटिश सरकार ने रोक दिया। इस वजह से उनके सामने वित्तीय संकट गहराया।

उन्होंने ब्रिटिश सरकार के दुष्कर्मों के बारे में खबरें फैलाने के लिए एक हिंदुस्तानी दैनिक आजाद हिंद की शुरुआत की।दैनिक के ब्रिटिश विरोधी रुख के कारण, सरकार ने दैनिक आजाद हिंद पर प्रतिबंध लगा दिया और उसके कार्यालय को जब्त कर लिया।

बाद में अब्दुल लतीफ साहेब को

1926 में स्वराज्य पार्टी के उम्मीदवार के रूप में मद्रास विधानसभा के लिए चुना गया। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा आयोजित सभी आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने मुस्लिम लीग के पाकिस्तान प्रस्ताव का विरोध किया।उन्होने चेतावनी दी कि धर्म के आधार पर भारत का विभाजन हिंदू-मुस्लिम एकता को नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने 1942 से 1945 तक प्रतिष्ठित मद्रास विश्वविद्यालय के गवर्निंग काउंसिल के सदस्य के रूप में सेवा प्रदान की। जब वे मद्रास उत्तर निर्वाचन क्षेत्र

से मद्रास विधान परिषद के लिए चुने गए ,तब वह मद्रास राज्य के उच्च सदन में विपक्ष के नेता बने।

आजादी के बाद के भारत में, उन्होंने लोगों के कल्याण के लिए काम किया और वक्फ बोर्ड के सदस्य के रूप में वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा के लिए अथक प्रयास किया।

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, समाचार पत्र के मालिक के रूप में और लोगों के प्रतिनिधि के रूप में

प्रदान की गई महान सेवाओं को भारत सरकार ने पहचाना और उसे याद रखा। इसलीये उन्हे भारत सरकारने 1972 में एक भव्य स्वागत कार्यक्रम में सम्मानित किया गया था। अब्दुल लतीफ फारूकी साहेब का निधन 1982 में हुवा।

देश आपकी सेवा के लिये सदैव ऋणी रहेगा


संदर्भ- 1)THE IMMORTALS

लेखक syed naseer ahmed

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संकलन तथा अनुवादक लेखक अताउल्ला खा रफिक खा पठाण सर टूनकी तालुका संग्रामपूर जिल्हा बुलढाणा महाराष्ट्र

9423338726

Updated : 21 March 2021 4:12 AM GMT
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