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ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध आजादी की लढाई लढनेवाले मौलाना मज़हर अली अज़हर

ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध आजादी की लढाई लढनेवाले मौलाना मज़हर अली अज़हर
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स्वतंत्रता सेनानी- मौलाना मज़हर अली अज़हर साहेब


ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध आजादी की लढाई लढनेवाले मौलाना मज़हर अली अज़हर साहेब का जन्म 13 अप्रैल 1895 को पंजाब के गुरुदासपूर जिल्हा के बटाला के पास बारामुल्लाह गाव मे हुवा था।उनके पिता का नाम अब्दुल्ला था।अजहर साहेब ने 1915 में डिग्री प्राप्त की और 1917 में कानून की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने लाहौर में अपनी वकालत शुरू कि। वे 1919 में खिलाफत और असहयोग आंदोलन के माध्यम से राष्ट्रीय आंदोलन में शामिल हुए। ब्रिटिश सरकार के खिलाफ आंदोलन के लिए उन्हें जेल हुई थी।असहयोग आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी के परिणामस्वरूप डेढ़ वर्ष की सजा हुयी। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में सक्रिय सदस्य के रुप मे सभी आंदोलन कार्यक्रमों में सबसे आगे थे।

उन्हे 1924 में पंजाब विधान परिषद के लिए निर्वाचित किया गया था। 1926 तक इसके वो सदस्य थे।1928 के मुस्लिम लीग सत्र में बोलते हुए, उन्होंने मुसलमानों और हिंदुओं को एक-दूसरे पर दोषारोपण बंद करने और अंग्रेजों की जनविरोधी नीतियों को उजागर करके लोगों को जागरूक करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। 1929 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को ताकत देने के लिये ऑल इंडियन मजलिस ए अहरार ए इस्लाम द्वारा उन्होने खूब काम किया।

उन्होंने एक हज़ार अहरार के जुलूस का आयोजन कर सनसनी मचा दी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव के रूप में, उन्होंने कड़ी मेहनत की। 1931 के सविनय अवज्ञा आंदोलन का प्रसार किया, जिसके लिए उन्हें छह साल की जेल हुई। वह एक बार फिर से पंजाब विधान परिषद के लिए चुने गए।

जब पंजाब के शहीदगंज गुरुद्वारा को लेकर विवाद हुआ ऊस वक्त हिंदुओं और सिखों के बीच सौहार्द और एकता के लिए उन्होंने काम किया।

उन्हें 1937 में अहरार पार्टी के टिकट पर पंजाब विधानसभा के लिए चुना गया और 1945 तक लोगों की उन्होंने सेवा की।

अजहर साहेब ने मुस्लिम लीग के विभाजन के संकल्प पर अपनी अनिच्छा व्यक्त की। बटवारे को लेकर वो लीग के विचारधारा से सहमत नही थे। 1946 में उन्होंने अहरार पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और उन्हे हार का सामना करना पड़ा। उनका दृढ़ विश्वास था कि भारत को स्वतंत्रता दिलाने के लिए मुसलमानों को हिंदू भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहिए। हालाँकि वह भारत के विभाजन के लिए तैयार नहीं थे। वि 1946 में अखिल भारतीय फॉरवर्ड ब्लॉक में शामिल हो गए । मौलाना मज़हर अली अजहर साहेब को भौगोलीक परिस्तिथी के कारण लाहोर मे रहना पडा। उन्होंने 11 नवंबर, 1974 को लाहौर में अंतिम सांस ली।


संदर्भ- 1)THE IMMORTALS

लेखक syed naseer ahmed

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संकलन तथा अनुवादक लेखक अताउल्ला खा रफिक खा पठाण सर टूनकी तालुका संग्रामपूर जिल्हा बुलढाणा महाराष्ट्र

9423338726

Updated : 17 March 2021 7:43 AM GMT
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